Friday, October 3, 2014

सियासत

झूठे हो , ढोंगी हो , गुंडे हो , मवाली हो ...
चुनाव जीत जाओगे , सियासत में चले जाओ...

फिर खून करो ,डाका डालो , इज्जत लूटो, कुछ भी करो...
मजाल किसी की के तुम हिरासत में चले जाओ...

गरीब की बेटी की इज्जत ,जिसे वोट दिया उसने लुटा ...
अब इंसाफ का भ्रम हो तो बंधू अदालत में चले जाओ ...

तेरा कोई कुसूर नहीं नेता जी ना किये तूने कोई दंगे हैं ...
हमने ही आपको वोट दिया तो फिर हम ही लफंगे हैं ...
हम देखने वाले अंधे हैं हम बोलने वाले गूंगे हैं ...
हम दिखते अच्छे वेश में हैं पर हम लोग अक्ल से नंगे हैं ...

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