Monday, October 27, 2014

शहंशाह

संभल जाएं वो, हर वक़्त जो , खोए पैमानों में रहते हैं ...
जिनके हाथ है कमान शहर की वो तयखानों में रहते हैं ...
अब कौन बचाए शहर को बर्बादी के मंजर से ...
शहर के जितने शहंशाह हैं , सब मयखानों में रहते हैं ...

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