कट रही है ज़िन्दगी , कोई जीना नहीं है अब…
दिल मेरा मोहब्बत का मदीना नहीं है अब …
कुछ मुझको छोड़ गए कुछ को मैंने छोड़ दिया …
मेरे अकेलेपन के दर्द की कोई सीमा नहीं है अब…
दिल मेरा मोहब्बत का मदीना नहीं है अब …
कुछ मुझको छोड़ गए कुछ को मैंने छोड़ दिया …
मेरे अकेलेपन के दर्द की कोई सीमा नहीं है अब…
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